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ज़िन्दगी : 'एक सवाल'

कभी सवाल तो कभी जवाब लगती है.. हे! ज़िन्दगी तू ही बता तू मेरी क्या लगती है। कभी 'द्वंद' तो कभी पुराना 'महताब' लगती है.. हे !ज़िन्दगी क्यों हमेशा एक 'अधूरा' -सा ख़्वाब लगती है। कभी उड़ती 'पतंग' तो कभी नदी की नाव लगती है.. कभी बेरंग 'शहर' तो कभी खुशियों का 'गाँव' लगती है! हे! ज़िन्दगी तू ही बता 'तू' मेरी क्या लगती है। कभी सरस 'मधुवन' तो कभी निर्जन 'थार' लगती है.. हे ! ज़िन्दगी तू ही बता तू क्यों एक 'उल्फ़त' की 'बहार' लगती है।

#Love..💓✍️

चाहत थी जो तेरे पास आने की उसे ही अपने इश्क़ का मुकद्दर समझ लिया.. हर एक सांस में तेरा नाम लेकर फिर अपने आप को एक कलंदर समझ लिया..‼️ मेरे मुकद्दर में न थी जो तेरे इश्क़ की 'बरखा'.. तो इस 'विराग' दिल को ही अपना मन्दिर समझ लिया..✍️

#प्रेम

इस अंजुमन से परे उद्विग्न मन की अविरलता..! काल के कपाल की मधुरता .. तेरे दिल - मन की निर्मलता..! चलकर दो चार क़दम दूबों पर यूँ ही आँखों में भरकर ओस की स्निग्धता चूम लिया करो ना क़दमों से अपने पागल ओस की मधुर शीतलता..!!

Love..& Life..!

Thou My Love Don't Lose your Heart..! Go up & Up Like A fountain..‼️ Always Be Firmed Like A mountain..! Never Be Fallen In Rosy Cheeks.. Neither Be Eager Nor Be Faint.. Ups & Downs Are Parts Of Life.. Just Go forward & Take a Rife..‼️
तू तो ज़रिया है मेरी मुसाफिरी का.. मेरी रहमत-ए-रूह को यूं गुलज़ार न कर..! अगर हो मलाल 'विराग' न मिलने का.. तो रातों की सोखी का इंतज़ार न कर..🌹
तन्हाई के झरोखे में एक कप चाय बनाते हैं, कुछ कहानियां नई बताते हैं, कुछ पुरानी भी दौहराते हैं, कुछ अजनबी सी बातों में, कुछ अपनों की यादों में, एक कप चाय कम न पडे, एक कप चाय और बनाते हैं..💓